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Chola temple in Hindi

विश्व धरोहर में से एक great living Chola temple जिसके निम्न fact hai. Great Chola मंदिरों के बारे में- About Great living Chola temple चोला मंदिर का वास्तुकला- Architecture of Chola temple चोला मंदिर के खुलने का समय - Opening Timing of Chola temple चोला मंदिर की अतिरिक्त जानकारी- Extra information of Chola temple ग्रेट लिविंग चोल मंदिरों का पता- Address of great living Chola temple चोला मंदिर का टिकट - Ticket of Chola temple ऑनलाइन टिकट बुकिंग - Online ticket booking बकाया सार्वभौमिक मूल्य- Outstanding Universal Value Great Chola मंदिरों के बारे में- About Great living Chola temple भारत के तमिलनाडु में स्थित, ग्रेट लिविंग चोल मंदिर चोल साम्राज्य के राजाओं द्वारा बनाए गए थे। मंदिर मास्टरपीस हैं और वास्तुकला, मूर्तिकला, पेंटिंग और कांस्य कास्टिंग के शानदार काम को उजागर करते हैं। ग्रेट लिविंग चोल मंदिर एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है जिसे 11 वीं और 12 वीं शताब्दी ईस्वी पूर्व की अवधि के बीच बनाया गया था। साइट में तीन महान मंदिर शामिल हैं। जिनमें तंजावुर में बृहदिश्वर मंद

chhatrapati shivaji terminus information in hindi

Chhatrapati shivaji terminus information class="separator" style="clear: both; text-align: center;"> भारत के 38th world heritage site in india में से एक छत्रपति शिवाजी टर्मिनल, जिसे विक्टोरिया टर्मिनल के नाम से भी जाना जाता है। या भारत का एकमात्र रेलवे स्टेशन है , जिसे 38th world heritage site in india में शामिल किया गया है। छत्रपति शिवाजी टर्मिनल भारत के महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर में स्थित है। CSTM के नाम से भी जाना जाता है।  Chhatrapati Shivaji terminus  मुंबई शहर का एकमात्र रेलवे स्टेशन है जो गौथिक कला के द्वारा बनाया गया था। छत्रपति शिवाजी टर्मिनल का मूलभूत संरचना 1878 में ही बनकर तैयार हो गया था। लेकिन इसका निर्माण 1887 में संपूर्ण हुआ था। छत्रपति शिवाजी टर्मिनल को 1997 में यूनेस्को विश्व विरासत स्थल में शामिल किया गया था। जो अपने डिजाइन और कला के लिए भी प्रसिद्ध है। छत्रपति शिवाजी टर्मिनल 38th world heritage site in india में से एक है जो वर्तमान में मध्य रेलवे में स्थित है। य

Rani ki vav in hindi

     UNESCO World Heritage site sites mein शामिल भारत की विश्व धरोहर स्थल रानी की वाव गुजरात शहर के पाटन गांव में स्थित है। Rani ki vav भारत के प्राचीनतम व ऐतिहासिक धरोहर उनमें से एक है यह गुजरात के सरस्वती नदी के किनारे बना एक भव्य बावड़ी (सीढ़ी नुमा कुआं है)। रानी की वाव कुल 7 मंजिला है।           Rani ki vav  इकलौती बावड़ी है जो चारों तरफ से आकर्षक कलाकृतियों और मूर्तियों से घिरी हुई है।  Rani ki vav  का निर्माण सोलंकी वंश के राजा भीमदेव की याद में उनकी पत्नी रानी उदयमति ने 11वीं सदी में करवाया था।  Rani ki vav  की विशाल व अद्भुत संरचना के कारण यूनेस्को वर्ल्ड Heritage site में 2014 में शामिल किया गया है।           Rani ki vav  अपनी अकल्पनीय वह अनूठी संरचना के लिए बहुत ही प्रसिद्ध है यह भूमिगत जल से स्रोतों से थोड़ी अलग है। रानी की भाव की संरचना के अंदर 500 से ज्यादा मूर्ति कलाओं को बहुत ही अच्छे ढंग से प्रदर्शित किया गया है। रानी की वाव को 2018 में RBI के द्वारा 100 के नोट में प्रिंट किया गया जो इसे दुनिया में एक अलग ही स्थान प्रदान करती है। Rani ki vav Important information -

Qutub Minar in Hindi - कुतुब मीनार

UNESCO World Heritage site में शामिल India Heritage place , कुतुब मीनार दिल्ली के महरौली जिले के दक्षिण में स्थित है। विश्व की सबसे unchi इमारत है जो ईंट द्वारा निर्मित है। इसकी ऊंचाई 72.5 मीटर जो लगभग 237.86 फीट है। तथा इसकी चौड़ाई 14.3 मीटर है जो ऊपर जाकर 2.75 मीटर बचती है।  Qutub Minar  के अंदर 379 सीढ़ियां हैं। कुतुब मीनार के अंदर भारतीय कला के कई उत्कृष्ट नमूने हैं जिसका निर्माण लगभग 1192 ईस्वी से शुरू हुआ था। Qutub Minar history in Hindi - कुतुब मीनार का इतिहास हिंदी में Qutub Minar का निर्माण मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक ने किया था। कुतुब मीनार का निर्माण मुख्य तौर से वैद्य साला को तोड़कर बनवाया गया था इसका निर्माण अफगानिस्तान में स्थित जामा मस्जिद को देखकर कुतुबुद्दीन ऐबक ने इस्लाम को फैलाने के लिए किया था।  Qutub Minar  का निर्माण 1193 ईस्वी मे कुतुबुद्दीन ऐबक में प्रारंभ किया था जिसका कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा सिर्फ आधार ही बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद कुतुबुद्दीन का उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने तीन मंजिल और बढ़ाया था। सन 1367 में फिरोजशाह तुगलक के द्वारा पांचवे और अंतिम मंजिल

Sunderbans national park in hindi

  Sunderbans national park , यूनेस्को वर्ल्ड हेरीटेज साइड में से एक है। तथा भारत के 38 राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है।  Sunderbans national park  को सन 1973 में मूल सुंदरवन बाघ रिजर्व क्षेत्र को घोषित किया गया था तथा 1977 में वन्य जीव अभ्यारण घोषित किया गया था। सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को वर्ल्ड हेरीटेज प्लेस में 4 मई 1987 को मान्यता प्राप्त हुई थी।                Sunderbans national park  भारत के पश्चिम बंगाल राज्य के दक्षिण भाग में स्थित है। सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान गंगा नदी के बनाए गए सुंदरवन डेल्टा क्षेत्र में स्थित है यह एक राष्ट्रीय उद्यान है।  Sunderbans national park  एक बाघ संरक्षित क्षेत्र एवं बायोस्फीयर रिजर्व क्षेत्र है। यह चारों तरफ से मैंग्रोव के घने जंगलों से घिरा हुआ है। सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान एकमात्र दुनिया का ऐसा उद्यान है जो नदी के डेल्टा पर है, जहां बात पाए जाते हैं।            Sunderbans national park  एकमात्र भारत का उद्यान है जहां पर रॉयल बंगाल टाइगर पाए जाते हैं हाल ही में सर्वे के दौरान पता चला है कि यहां पर बाघों की संख्या 103 है। तथा यहां पर बच्

38th world heritage site in india - भारत का यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल

भारत का यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल ( UNESCO - World Heritage place ) में एक अलग ही पहचान है। भारत में अभी तक कुल  38th world heritage site in india   स्थित है। जिन्हें संयुक्त राष्ट्र वैश्विक वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन यानी यूनेस्को द्वारा 2018 में मान्यता दी गई थी। जिससे भारत उन चुनिंदा देशों में से अपनी एक अलग पहचान रखता है।  यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल 2018 की सूची में भारत के 38th world heritage site in india  स्थित हैं जिनमें से  30, सांस्कृतिक 7, प्राकृतिक एवं 1, मिश्रित विश्व दर्शनीय स्थल है। भारत की सबसे पहली  38th world heritage site in india  में आगरा का किला और अजंता की गुफाएं हैं। जिन्हें 1983 में विश्व दर्शनीय स्थल के रूप में मान्यता दी गई थी। और अगर सब से बात की बात करें तो 2018 में मुंबई के विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको एंसेंबल को सम्मिलित किया गया था। जुलाई 2017 में  38th world heritage site in india  में भारत के अहमदाबाद शहर को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। भारत का यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल -  38th world heritage site in india 1. ताजमहल                      1983   

Sun Temple Konark - सूर्य मंदिर कोणार्क

  Sun Temple Konark - सूर्य मंदिर कोणार्क उड़ीसा में स्थित कोणार्क में प्रतिष्ठित सूर्य मंदिर के बारे में रबींद्रनाथ टैगोर कहते हैं, "पत्थर की भाषा मनुष्य की भाषा से आगे है।" यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल , कोणार्क सूर्य मंदिर प्राचीन कलात्मकता, विचारों की तरलता का खजाना है। यह पूर्ण रूप से सूर्य देव को समर्पित,जब सूर्य की पहली किरणें मंदिर के प्रवेश द्वार पर पड़ती हैं। तो मंदिर का अलग ही नजारा होता है। मंदिर का अधिकांश भाग चट्टानों और खंडहर में गिर गया है, लेकिन जो अभी भी शेष है, उसे लुभाने के लिए पर्याप्त आकर्षण है। यह मंदिर साम्राज्यों को ऊपर उठते और गिरते देखा है, और अपने पहचान को खोया है। फिर भी सैलानी इसे देखने में दिलचस्पी दिखाते हैं। Sun temple information - सूर्य मंदिर की जानकारी   माना जाता है कि कोणार्क सूर्य मंदिर 13 वीं शताब्दी में बनाया गया था मंदिर का निर्माण राजा नरसिंहदेव - 1, ने 1238-1250 ईस्वी के बीच पूर्वी गंगा वंश में किया था। मंदिर का निर्माण राजा द्वारा किया गया था, जबकि सामंतराय महापात्र इसके निर्माण के प्रभारी थे। ‘कोणार्क’ का अर्थ सूर्य है। इस मंदिर