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Upsc ka full form

यदि आप upsc ka full form तथा upsc के बारे में आयोजित होने वाली परीक्षाओं तथा how to crack upsc इसके बारे में जानकारी चाहते हैं। तो आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़ें आपको इस ब्लॉग में upsc ka full form सहित upsc से जुड़े सभी पदों के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी।

UPSC ka full form - full form of UPSC

UPSC ka full form

upsc ka full form हिंदी में संघ लोक सेवा आयोग होता है। तथा इंग्लिश union public service commission होता है। यह एक सरकारी एजेंसी होती है। जिसके माध्यम से केंद्र सरकार के अनेक ग्रुप A और ग्रुप A के पदों के लिए कर्मचारियों का चयन किया जाता है। तथा या भारत की सबसे कठिन परीक्षा होती है। जिसे पास करने की इच्छा हर प्रतियोगी छात्र के मन में होती है। 

UPSC क्या है - what is UPSC 

यूपीएससी कैसी संस्था है। जो केंद्र कर्मचारी ग्रुप A और ग्रुप B के लिए प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन करती है। जिससे भारत के अनेक अधिकारियों की भर्ती यूपीएससी के द्वारा ही की जाती है जिसमें IAS, IPS जैसे बड़े पद भी शामिल हैं। इस संस्था पर पूरी तरह से केंद्र सरकार का कंट्रोल होता है। UPSC के माध्यम से भारत की सबसे कठिन परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जिसे पास करके ही इन कर्मचारियों का चयन किया जाता है।

UPSC की चयन प्रक्रिया - UPSC selection process UPSC

UPSC selection process बहुत ही कठिन व लंबा होता है। जिसमें परीक्षार्थियों को काफी समय देना पड़ता है तथा बहुत कठिन मेहनत भी करनी पड़ती है।
UPSC के माध्यम से विभिन्न पदों के लिए हर साल तीन परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जिसमें सबसे पहले UPSC के द्वारा प्रिलिज्म परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जिसमें काफी भारी तादात में परीक्षार्थी भाग लेते हैं। जो परीक्षार्थी प्रिलिज्म परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं उनको पुनः mains exam के लिए form summit करना होता है। मेंस एग्जाम को क्वालीफाई करने वाले परीक्षार्थियों को पर्सनैलिटी टेस्ट या इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इसके बाद जो भी परीक्षार्थी तीनों परीक्षा को उत्तीर्ण कर लेता है। UPSC के द्वारा एक एवरेज क्वालीफाइंग मार्क्स तय किया जाता है। जिसके द्वारा पदों के हिसाब से परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण किया जाता है। और परीक्षार्थियों के अंको के अनुसार उनके पदों का बंटवारा किया जाता है।

यूपीएससी के पद - posts of UPSC 

भारत के सभी सरकारी संस्थाओं के लिए चुने गए टॉप ऑफिसर UPSC के द्वारा ही चुने जाते हैं। यदि आप सरकारी जॉब करना चाहते हैं। तो निम्नलिखित जॉब आपके लिए बहुत ही अच्छी रहेगी जिसका चयन UPSC के माध्यम से किया जाता है जो निम्न है।
  • IAS - INDIAN ADMINISTRATIVE SERVICE ( भारतीय प्रशासनिक सेवा)
  • IPS - INDIAN POLICE SERVICE ( भारतीय पुलिस सेवा )
  • IRS - INDIAN REVENUE SERVICE ( भारतीय राजस्व सेवा )
  • IRS - INDIAN RAILWAY SERVICE ( भारतीय रेलवे सेवा )
  • IFS - INDIAN FOREIGN SERVICE ( भारतीय विदेश सेवा )
  • IFS - INDIAN FOREST SERVICE ( भारतीय वन सेवा )
  • INDIAN P&T ACCOUNT & FINANCE SERVICE  ( भारतीय पी एंड टी खाता और वित्त सेवा )
  • INDIAN AUDIT AND ACCOUNTS SERVICE ( भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा )
  • INDIAN DEFENCE ACCOUNTS SERVICE ( भारतीय DEFENSE ACCOUNTS सेवा )
  • INDIAN ORDNANCE FACTORY SERVICE ( भारतीय ऑर्डिनेंस फैक्टरी सेवा )
  • INDIAN POSTAL SERVICE ( भारतीय डाक सेवा )
  • INDIAN CIVIL ACCOUNTS SERVICE ( भारतीय सिविल ACCOUNTS सेवा )
  • INDIAN DEFENCE ESTATE SERVICE ( भारतीय DEFENSE एस्टेट सेवा )
  • INDIAN INFORMATION SERVICE ( भारतीय सूचना सेवा )
  • INDIAN TRADE SERVICE ( भारतीय व्यापार सेवा)
  • INDIAN CORPORATE LAW SERVICE
List of group b services
  • Armed forces headquarters civil service
  • DELHI, Andaman & Nicobar Islands, Lakshadweep, Daman & Diu and Dadra & Nagar Haveli civil service
  • DELHI, Andaman & Nicobar Islands, Lakshadweep, Daman & Diu and Dadra & Nagar Haveli police service
  • Pondicherry civil service
  • Pondicherry police service

IAS SLLYABUS - आईएएस का सिलेबस

IAS SLLYABUS

IAS EXAM यूपीएससी के माध्यम से कंडक्ट किया जाता है जो प्रत्येक वर्ष में एक बार आयोजित किया जाता है। जिसके माध्यम से भारत सरकार के विभिन्न पदों के लिए भर्ती की जाती है EXAM मुक्ता तीन तरह का होता है। तथा IAS sllyabus निम्न है।
1. Civil service preliminary examination objective type exam होता है जिसके माध्यम से मेंस एग्जाम के लिए परीक्षार्थी चुने जाते हैं।
2. Civil service mains exam के माध्यम से परीक्षार्थियों को विभिन्न पदों के लिए pass out किया जाता है जिसमें written test और interview शामिल होता है।

UPSC IAS preliminary exam pattern & syllabus

Civil service preliminary exam यह प्रथम स्टेज का एग्जाम होता है। जिसके माध्यम से परीक्षार्थियों की mains exam के लिए शॉर्टलिस्टिंग की जाती है। तथा तथा इस एग्जाम में प्राप्त किए गए अंको को final merit में किसी भी प्रकार से नहीं जोड़ा जाता यह सिर्फ mains exam के लिए क्वालीफाइंग एग्जाम होता है।
   preliminary exam दो प्रकार के ऑब्जेक्टिव टाइप एग्जाम होते हैं। जो मुक्ता 400 अंक का होता है।
  • preliminary exam में दो पेपर compalsory हैं।
  • यह objective type exam होता है।
  • यह एग्जाम कुल 400 अंक का होता है तथा प्रत्येक दो 200 अंक के होते है।
  • इस एग्जाम में प्रत्येक कैंडिडेट को 2 घंटे दिया जाता है। तथा दृष्टिबाधित लोगों को 2 घंटे 20 मिनट दिया जाता है।
  • इस एग्जाम में माइनस मार्किंग होती है। जिसमें 3 गलत उत्तर पर 1 सही उत्तर काट लिया जाता है।
  • इस एग्जाम को सिर्फ दो माध्यम से दिया जा सकता है हिंदी और इंग्लिश।

1. General studies paper-1 syllabus

यह ऑब्जेक्टिव टाइप एग्जाम पेपर होता है जिसमें 100 क्वेश्चन पूछे जाते हैं तथा यह 200 अंकों का होता है। जिसको 2 घंटे के अंदर सॉल्व करना होता है। जिसके टॉपिक निम्न है।
  • Current events of national and international importance
  • History of India and Indian National movement
  • Indian & World geography, physical social economical geography of India and the world
  • Indian polity and governance constitution political system panchayati Raj public policy rights issue etc
  • Economics and social development sustainable development poverty inclusion demographics social sector initiative etc.
  • General issues on environmental ecology, biodiversity  and climate change
  • General science

2. General study paper II syllabus

यह एग्जाम उसी दिन होता है जिस दिन पेपर-1 का एग्जाम होता है इसके तहत कुल 80 क्वेश्चन पूछे जाते हैं जो 200 अंकों का होता है जिसे 2 घंटे में सॉल्व करना होता है। इस एग्जाम में पास करने के लिए केवल qualifying mark की जरूरत होती है जो कुल एग्जाम का 33% होता है। जिसके तहत निम्न subjects आते है।
  • Comprehension
  • इंटरपर्सनल स्किल इंक्लूडिंग कम्युनिकेशन स्किल
  • Logical reasoning and analytical ability
  • Decision making and problem solving
  • जनरल मेंटल एबिलिटी
  • मैथमेटिक्स

UPSC IAS mains exam pattern and syllabus

आईएएस एग्जाम के मेंस एग्जाम में सामान्यता दो एग्जाम होता है। पहला written test तथा दूसरा इंटरव्यू या पर्सनैलिटी टेस्ट।
  Civil service mains examination को दो भागों में बांटा गया है पहला क्वालीफाइंग एग्जाम तथा दूसरा मेरिट एग्जाम।

क्वालीफाइंग एक्जाम - UPSC qualifying exam
  • Paper- A यह 300 अंकों का एग्जाम होता है जिसमें भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थित किसी एक  भाषा का चयन करना होता है।
  • Paper -B यह 300 अंकों का एग्जाम होता है जिसमें इंग्लिश भाषा का टेस्ट होता है। 
UPSC merit exam - upsc का मेरिट एग्जाम
  • Paper -1 यह कुल 250 अंकों का एग्जाम होता है जिसके तहत निबंध का टेस्ट होता है।
  • Paper- 2 ( general studies- 1) यह कुल 250 अंकों का एग्जाम होता है जिसमें  जनरल स्टडीज के क्वेश्चन पूछे जाते हैं। जैसे - Indian Heritage and culture, history and geography of the world and society।
  • Paper- 3 ( general studies - 2 ) या कुल 250 अंक का होता है तथा इस में पूछे गए सब्जेक्ट हैं, गवर्नेंस, constitution, polity, social justice and international relation।
  • Paper- 4 ( general studies - 3) यह कुल 250 अंकों का होता है तथा इस में पूछे गए सब्जेक्ट हैं, टेक्नोलॉजी, economical development, बायो डायवर्सिटी, environment, security and disaster management ।
  • Paper - 5 ( general studies -4 ) यह 250 अंको का होता है। तथा इस में पूछे गए सब्जेक्ट है, एथिक्स, इंटीग्रिटी एंड एप्टीट्यूड।
  • Paper - 6 ( optional subject- paper 1 ) यह 250 अंक का होता है इसमें परीक्षार्थी को अपने पसंद का सब्जेक्ट जूस करना होता है।
  • Paper - 7 ( optional subject- paper -2) यह 250 अंकों का होता है तथा इसमें पर छाती को अपने पसंद का सब्जेक्ट choose करना होता है।
इस तरह से मेंस एग्जाम के रिटन टेस्ट का अंक 1750 होता है तथा पर्सनैलिटी टेस्ट का 275 अंक होता है। जो टोटल 2025 अंक होता है। इस तरह से आईएएस का एग्जाम में कुल 2025 अंक होते हैं।

History of UPSC - UPSC का इतिहास 

IAS SLLYABUS
ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए सिविल सर्वेंट्स को निदेशकों द्वारा नामित किया जाता था। जो कंपनी और उसके बाद लंदन के हैलेबरी कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त किया करते थे, और इसके बाद भारत भेजा दिया जाता था। लॉर्ड मैकाले के ब्रिटिश संसद की चयन समिति की रिपोर्ट के बाद, भारत में एक योग्यता आधारित आधुनिक सिविल सेवा की सुरवात 1854 में शुरू की गई थी। इस रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी, कि East India company की संरक्षण आधारित प्रणाली होनी चाहिए। और Intrance के साथ योग्यता पर आधारित प्रणाली के आधार पर स्थायी Civil seva द्वारा प्रतिस्थापित किया गया। और प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से कर्मचारियों का चयन करने का निर्णय लिया गया । इस उद्देश्य के लिए, एक सिविल सेवा आयोग था, जो लंदन में 1854 में बना था। और प्रतियोगी परीक्षाएं 1855 में शुरू हुई थीं। शुरुआत में, भारतीय सिविल सेवा की परीक्षाएं केवल London में आयोजित की गईं। जिसमें उम्र सीमा अधिकतम 23 वर्ष थी, और न्यूनतम 18 वर्ष थी। पाठ्यक्रम को ऐसे डिज़ाइन किया गया था कि, यूरोपीय classics में अंकों का एक प्रमुख हिस्सा था। इस सबने भारतीय उम्मीदवारों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी। फिर भी, 1864 में, पहले भारतीय, श्री रवीन्द्रनाथ टैगोर ने इस कठिन परीक्षा को पास किया था। तीन साल बाद 4 अन्य भारतीय सफल हुए। अगले 50 वर्षों के दौरान, भारतीयों ने एक साथ होने वाली परीक्षाओं के लिए याचिका दायर की क्योंकि ब्रिटिश सरकार कभी नहीं चाहती थी। कि भारतीय आईसीएस में सफल हो। यह प्रथम विश्व युद्ध के बाद मोंटागु चेम्सफोर्ड सुधारों पर सहमति व्यक्त की गई थी।
  सन 1922 से Indian civil services भारत में भी होने लगी, पहले इलाहाबाद में और बाद में union public service commission की स्थापना दिल्ली में होने के बाद दिल्ली होने लगी। लेकिन परीक्षा परीक्षा का संचालन लंदन द्वारा ही किया जाता था।

Civil services के लिए पहली बार प्रतियोगिता जून, 1893 में इंग्लैंड में आयोजित की गई थी, और 10 शीर्ष उम्मीदवार को प्रोबेशनरी Assistant Police supritendent नियुक्त किए था।
           सन 1920 के बाद की परीक्षाओं के बाद ही पुलिस को भारतीयों के लिए खुला रखा गया था। इस परीक्षा को संयुक्त रूप से इंग्लैंड और भारत में आयोजित किया गया था।
     सन 1839 में ब्रिटिश सरकार ने सभी वनों को सुरक्षित रखने के लिए इंपीरियल फॉरेस्ट शुरू किया जिसे भारतीय पुलिस वन सेवा कहा जाता था।
26 जनवरी, 1950 को भारत के संविधान के उद्घाटन के साथ संघीय लोक सेवा आयोग को संघ लोक सेवा के रूप में जाना जाने लगा। 1950 में ही इसे संवैधानिक दर्जा देने के साथ-साथ इसे एक स्वतंत्रता प्रदान की गई जिससे यह बिना किसी दबाव के योग अधिकारियों की भर्ती कर सके।

UPSC का संवैधानिक प्रावधान 

UPSC ( union public service commission) एक संवैधानिक संस्था है जिसकी स्थापना संविधान के भाग 14 के अनुच्छेद 315 से 323 के तहत की गई है। यूपीएससी में सामान्यता 9 से 11 सदस्य होते हैं। यह एक संघ लोक सेवा आयोग होता है जो केंद्र और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोग का गठन करती है। 

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